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Form 121 कैसे भरें 2026 | TDS Zero करने का तरीका

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Form 121 कैसे भरें 2026? (Step-by-Step Guide + TDS Zero करने का तरीका)
नया बदलाव 1 अप्रैल 2026 से Form 15G और 15H बंद अब सिर्फ Form 121
📋 अप्रैल 2026 · आयकर अधिनियम 2025

Form 121 कैसे भरें?
TDS से बचने का नया तरीका

बैंक पैसे काट लेता है? अब एक छोटा सा फॉर्म भरकर अपना TDS रोकिए एकदम आसान भाषा में, पूरी जानकारी। application format देखें

📅 अपडेट: अप्रैल 2026 ⏱ 8 मिनट पढ़ें ✅ सभी उम्र के लिए

Form 121 एक declaration form है जिसे भरकर आप बैंक को बता सकते हैं कि आपकी आय taxable नहीं है, इसलिए TDS नहीं काटा जाए।

💡 Form 121 क्या है? सीधी बात

सरल भाषा में बात करें तो मान लो आपका बैंक FD पर हर साल ₹50,000 या ₹60,000 ब्याज देता है। और आपकी कुल कमाई इतनी कम है कि आप पर कोई टैक्स बनता ही नहीं। फिर भी बैंक TDS काट लेता है। बड़ी झुंझलाहट होती है ना?

इसी के लिए एक फॉर्म होता था जिसमें आप बैंक को बोल सकते थे, “भाई, मेरी कमाई इतनी है, मुझ पर टैक्स शून्य है, TDS मत काटो।” पहले यह काम Form 15G और Form 15H करते थे। अब 1 अप्रैल 2026 से ये दोनों बंद हो गए हैं और इनकी जगह एक नया फॉर्म आया है Form 121।


इसे भी पढ़े: SBI चेक जमा फॉर्म कैसे भरें


✅ Form 121 की सीधी परिभाषा

Form 121 एक स्व-जानकारी पत्र है जिसमें आप सरकार को बताते हो कि “इस साल मेरी कुल कमाई पर टैक्स शून्य है इसलिए मेरा TDS मत काटो।” यह आयकर अधिनियम 2025 की धारा 393(6) के तहत आया है।

यह एक छोटा सा काम है जो आप साल में एक बार अपने बैंक में जाकर या ऑनलाइन कर सकते हो। और यह काम आपके हजारों रुपये बचा सकता है जो TDS के रूप में कट जाते थे।


🔄 पहले क्या था, अब क्या है?

पहले लोग उलझ जाते थे कोई कहता 15G भरो, कोई कहता 15H। कौन सा भरें है, उसके लिए उम्र देखनी पड़ती थी। अब सरकार ने सब आसान कर दिया है:

बात पहले (1961 का अधिनियम) अब (2025 का अधिनियम)
60 साल से कम के लोग Form 15G Form 121
60 साल से अधिक (वरिष्ठ नागरिक) Form 15H Form 121
HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) Form 15G Form 121
PAN जरूरी है? हाँ (वरना 20% TDS) हाँ, जरूरी है
UIN (अनूठा पहचान नंबर) हर बैंक अलग नंबर देता था एक UIN पूरे साल के लिए
कितने फॉर्म हैं? 2 अलग फॉर्म (15G + 15H) सिर्फ 1 फॉर्म सबके लिए

मतलब अगर आप 68 साल के सेवानिवृत्त हो या 28 साल के नौजवान दोनों Form 121 ही भरेंगे। कोई उलझन नहीं।


👥 कौन भर सकता है, कौन नहीं?

यह बहुत जरूरी है। सीधे देखो:

✅ ये लोग भर सकते हैं

  • भारत में रहने वाले व्यक्ति (किसी भी उम्र के)
  • HUF (हिंदू अविभाजित परिवार)
  • वो लोग जिनकी कुल कमाई पर टैक्स शून्य हो
  • जो भारत के रहने वाले हों (Resident)

❌ ये लोग नहीं भर सकते

  • NRI (अरहने वाले भारतीय)
  • कंपनी या फर्म
  • जो लोग टैक्स लगने वाली कमाई में हैं
  • साझेदारी फर्म
⚠️ सबसे जरूरी शर्त

Form 121 तभी काम करेगा जब आपका लगभग कुल टैक्स = शून्य हो। अगर आपकी कमाई टैक्स लगने वाली है और आपने गलत फॉर्म भर दिया, तो यह धोखाधड़ी माना जा सकता है और जुर्माना भी लग सकता है।

उदाहरण से समझो क्या आप योग्य हो?

उदाहरण 1: रमेश जी 45 साल के हैं। फ्रीलांस काम से ₹2.5 लाख मिलते हैं और FD ब्याज ₹1 लाख है। कुल = ₹3.5 लाख। यह मूल छूट सीमा से नीचे है Form 121 भर सकते हैं।

उदाहरण 2: सुषमा जी 68 साल की हैं। पेंशन + FD ब्याज मिलाकर ₹8 लाख कमाई है। नई कर व्यवस्था में ₹12 लाख तक छूट है, तो टैक्स = शून्य। Form 121 भर सकती हैं।

उदाहरण 3: विजय NRI हैं और दुबई में रहते हैं Form 121 नहीं भर सकते।


📅 कब और कहाँ जमा करें?

कब जमा करें?

वित्तीय वर्ष की शुरुआत में यानी अप्रैल में ही। और हमेशा ब्याज देना होने से पहले देना करें। अगर FD का ब्याज जून में मिलता है, तो अप्रैल-मई में ही फॉर्म दे दो।

💡 काम की बात

हर साल नया Form 121 भरें पड़ेगा। पिछले साल का फॉर्म इस साल काम नहीं करेगा। अप्रैल आते ही फॉर्म देना कर दो एक बार करें, साल भर चिंता नहीं।

कहाँ जमा करें?

जहाँ से भी कमाई आ रही है वहाँ। इसे “payer” कहते हैं:

  • 🏦 बैंक FD ब्याज के लिए
  • 📮 डाकघर डाकघर देना के लिए
  • 🏢 म्यूचुअल फंड कंपनी लाभांश / यूनिट के लिए
  • 👤 किरायेदार किराए के लिए
⚠️ ध्यान रखना!

अगर आपके 3 अलग बैंकों में FD हैं तो तीनों बैंकों में अलग-अलग Form 121 देना करना होगा। एक बैंक में दिया तो बाकी दो में TDS कटेगा।

ऑनलाइन या ऑफलाइन?

कई बैंक अब ऑनलाइन भी ले रही हैं नेट बैंकिंग या बैंक ऐप से। लेकिन अभी भी ज्यादातर लोग बैंक जाकर शारीरिक रूप से देना करते हैं। अपने बैंक से पूछ लो कि उनका तरीका क्या है।

फॉर्म डाउनलोड करने के लिए Income Tax Department की आधिकारिक वेबसाइट (incometax.gov.in) पर जाओ।


✍️ Step-by-Step Form 121 कैसे भरें पूरी गाइड

Form 121 के दो हिस्से हैं: भाग A आप भरते हो। भाग B बैंक भरता है।

📌 पहले ये चीजें तैयार कर लो

PAN कार्ड  •  आधार कार्ड  •  बैंक का TAN नंबर (बैंक बता देगा)  •  पिछले 2 साल के ITR की पावती संख्या  •  इस साल की लगभग कमाई का अंदाज

भाग A आप भरो (Field-by-Field)

Field 1 नाम (Name)

अपना पूरा नाम लिखें बिल्कुल वैसे जैसा PAN कार्ड पर है। कोई संक्षिप्त रूप या शुरुआती अक्षर मत लिखें।

उदाहरण: “रमेश कुमार शर्मा” ऐसे ही लिखें, “R.K. Sharma” नहीं।
Field 2 पता (Address)

पूरा पता लिखें। घर/फ्लैट नंबर, गली, इलाका, शहर, जिला, राज्य, PIN कोड सब कुछ। अधूरा पता फॉर्म रद्द होने का सबसे बड़ा कारण है।

Field 3 PAN नंबर

अपना 10-अंक का PAN लिखें। एक भी अक्षर गलत हुआ तो फॉर्म रद्द। दोबारा जाँचो। यह जरूरी है बिना PAN के फॉर्म नहीं चलेगा।

उदाहरण: ABCDE1234F बिल्कुल ऐसे ही लिखें
Field 4 स्थिति (Status)

आप क्या हो, वो चुनें: “Resident Individual” या “HUF”। ज्यादातर लोग “Resident Individual” चुनते हैं।

Field 5 & 5(a) रहने वाले स्थिति और उम्र

“Resident” चुनें। और Field 5(a) में क्या आपकी उम्र 60 साल या उससे अधिक है? हाँ या नहीं चुनें। अगर 60+ हो तो कुछ शर्तें आप पर लागू नहीं होतीं ज्यादा फायदा मिलता है।

Field 6 & 7 ईमेल और मोबाइल नंबर

सक्रिय ईमेल और 10-अंक का मोबाइल नंबर दो। आयकर विभाग इसी पर संपर्क करता है। देश कोड भी लिखें (+91)।

Field 8 कर वर्ष (Tax Year)

जिस साल के लिए फॉर्म भर रहे हो वो लिखें।

उदाहरण: 2026-27

कमाई की जानकारी यहाँ ध्यान से भरो

Field 9 कमाई का प्रकार

चुनें कि किस चीज पर TDS रोकना चाहते हो। सबसे आम है:

  • (a) EPF से पैसे निकालना
  • (b) बीमा आयोग
  • (c) किराया
  • (d) म्यूचुअल फंड की इकाइयाँ
  • (e) FD ब्याज, बैंक/डाकघर ब्याज ← सबसे आम
  • (f) जीवन बीमा भुगतान
  • (g) कंपनी से लाभांश
Field 10 इस payer से कितनी कमाई मिलेगी?

सिर्फ इस बैंक से जो ब्याज मिलेगा, उसका अनुमान लिखें। यहाँ अपनी कुल कमाई नहीं लिखनी सिर्फ इस एक बैंक का ब्याज।

उदाहरण: अगर SBI में FD से ₹45,000 ब्याज मिलेगा सिर्फ ₹45,000 लिखें।
Field 11 (a) & (b) पहले के Form 121 की जानकारी

अगर आपने इस साल पहले से किसी दूसरे बैंक को Form 121 दिया है तो उसकी जानकारी यहाँ भरो। कितने फॉर्म दिए और कितनी कमाई घोषित की। यह छुपाओ मत यह झूठी जानकारी होगी।

पहली बार हो तो: 11(a) = 0, 11(b) = ₹0
Field 12 इस साल की कुल घोषित कमाई

Field 10 + Field 11(b) = Field 12। मतलब इस साल आपने जितनी भी कमाई घोषित की है, सबका कुल जोड़।

Field 13 इस साल की कुल लगभग कमाई

यह सबसे महत्वपूर्ण field है। आपकी तनख्वाह, FD ब्याज, किराया, लाभांश सब मिलाकर जितनी भी कमाई की उम्मीद है वो लिखें। कटौतियाँ (80C वगेरह) घटाकर जो बचेगा वो। इस संख्या पर टैक्स = शून्य होना चाहिए।

उदाहरण: पार्ट-टाइम काम से ₹2 लाख + FD ब्याज ₹80,000 = ₹2,80,000 कुल। टैक्स शून्य योग्य!
Field 14 पिछले 2 सालों का ITR विवरण

अगर आपने ITR भरा है तो उसकी पावती संख्या और कमाई की राशि लिखें (कर वर्ष 2024-25 और 2023-24 के लिए)। नहीं भरा तो खाली छोड़ दो लेकिन इससे आपकी जानकारी की विश्वसनीयता कम होती है।

जानकारी और हस्ताक्षर

सबसे नीचे 5 बातें लिखी होती हैं ध्यान से पढ़ें। इनमें आप पुष्टि करते हो कि: सारी जानकारी सच है, यह कमाई किसी और की नहीं है, इस साल आपका टैक्स शून्य होगा, और गलत जानकारी देने पर धारा 482 के तहत मामला दर्ज हो सकता है।

हस्ताक्षर करें। तारीख और जगह (Place) लिखें। हो गया भाग A!

✅ भाग B बैंक का काम

भाग B आप नहीं भरते। यह बैंक का काम है। वो अपना TAN, नाम और UIN (26-अंक का अनूठा पहचान नंबर) डालता है और आयकर विभाग को रिपोर्ट करता है। बस आप्हें भाग A देना है।


🚫 ये गलतियाँ बिलकुल मत करें
ब्याज देना होने के बाद फॉर्म देना Form 121 हमेशा पहले देना होता है। अगर FD का ब्याज जून में देना होगा, तो अप्रैल में ही दे दो। बाद में देने से TDS वापस नहीं मिलेगा जब तक ITR फ़ाइल न करें।
PAN गलत लिखना या PAN न देना बिना PAN के फॉर्म रद्द। बैंक 20% TDS काटेगा। एक भी अक्षर गलत हुआ तो भी समस्या।
सिर्फ एक बैंक को देना अगर 3 बैंकों में FD है, तीनों को अलग-अलग फॉर्म दो। सिर्फ एक को दोगे तो बाकी दो बैंक TDS काटेंगे।
पहले की जानकारीएँ न बताना (Field 11) अगर आपने पहले से एक बैंक को फॉर्म दे रखा है और दूसरे बैंक को देते समय Field 11 खाली छोड़ दो यह झूठी जानकारी है। इससे सख्ती से बचो।
यह सोचना कि फॉर्म भरने से कमाई कर-मुक्त हो गई Form 121 सिर्फ TDS रोकता है। अगर आखिर में कमाई टैक्स लगने वाली निकली, तो ITR में टैक्स देना पड़ेगा।
पिछले साल का फॉर्म दोबारा उपयोग करना हर साल नया फॉर्म भरें जरूरी है। 2025-26 का फॉर्म 2026-27 में काम नहीं करेगा।
अधूरा पता लिखना PIN कोड, जिला, राज्य सब जरूरी हैं। अधूरा पता फॉर्म रद्द होने का आम कारण है।

🔢 UIN क्या होता है? नया सिस्टम समझो

पहले के सिस्टम में हर बैंक अलग UIN देता था 10 बैंकों में FD है तो 10 अलग UIN। ट्रैकिंग मुश्किल था, धोखाधड़ी भी होती थी।

अब नया सिस्टम है: एक PAN के लिए एक साल में एक ही UIN होगा। आपके सारे फॉर्म एक UIN से जुड़े होंगे। बैंक इस UIN को अपनी तिमाही TDS रिटर्न (Form 140) में रिपोर्ट करता है। मतलब आयकर विभाग हर जानकारी ट्रैक करेगा।

💡 मतलब?

अगर आप 5 बैंकों में Form 121 देते हो सब एक UIN से जुड़े होंगे। आयकर विभाग देख सकता है कि कुल कितना घोषित किया। इसीलिए Field 11 (पहले की जानकारीएँ) सच-सच भरें जरूरी है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्र. क्या Form 121 भरें जरूरी है?
नहीं, यह वैकल्पिक है। सिर्फ वो लोग भरते हैं जिन्हें TDS नहीं कटवाना और जिन का टैक्स शून्य हो। अगर आप नहीं भरते तो बैंक सामान्य दर पर TDS काट लेगा और आप ITR फ़ाइल करके वापस ले सकते हो।
प्र. वरिष्ठ नागरिक के लिए Form 121 में कुछ अलग है?
Form 121 अलग नहीं है सबके लिए एक ही फॉर्म है। बस Field 5(a) में “हाँ” चुनते हो अगर 60+ हो। वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ शर्तें अलग हैं जैसे उन्हें कमाई की ऊपरी सीमा की शर्त पूरी नहीं करनी पड़ती।
प्र. क्या NRI Form 121 भर सकता है?
बिल्कुल नहीं। यह फॉर्म सिर्फ भारत में रहने वाले लोगों के लिए है। NRI के लिए अलग TDS नियम हैं और वे Form 121 देना नहीं कर सकते।
प्र. Form 121 कहाँ से डाउनलोड करें?
आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाओ। वहाँ “Forms” खंड में Form 121 मिलेगा। आपका बैंक भी यह फॉर्म काउंटर पर दे सकता है।
प्र. एक बार देना किया पूरे साल काम करेगा?
हाँ, एक वित्तीय वर्ष के लिए काम करेगा। लेकिन अगले साल फिर से नया फॉर्म भरें पड़ेगा। हर साल अप्रैल में देना करें।
प्र. अगर मैंने गलत कमाई घोषित की तो क्या होगा?
अगर कमाई सीमा से बाहर निकली तो बैंक TDS काटेगा और जुर्माना भी लग सकता है। इसीलिए हमेशा सच और सही अनुमान भरो।
प्र. HUF क्या Form 121 भर सकता है?
हाँ, HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) भी Form 121 भर सकता है अगर लगभग टैक्स शून्य हो।
प्र. क्या Form 121 से कमाई कर-मुक्त हो जाती है?
नहीं! यह एक आम गलतफहमी है। Form 121 सिर्फ स्रोत पर TDS रोकता है। अगर आखिर में आपकी कमाई टैक्स लगने वाली है, तो ITR फ़ाइल करते समय टैक्स देना पड़ेगा। आयकर और TDS अलग-अलग चीजें हैं।

🎯 याद रखो ये 5 बातें

1 Form 15G और 15H बंद अब सिर्फ Form 121 है (1 अप्रैल 2026 से)
2 हर उम्र के लिए एक ही फॉर्म कोई उलझन नहीं
3 PAN जरूरी है बिना PAN के फॉर्म रद्द
4 ब्याज देना होने से पहले देना करें बाद में नहीं
5 हर साल नया फॉर्म एक बार से काम नहीं चलेगा

💬 कोई शंका है?

नीचे टिप्पणी करें या अपने CA से पूछो। हर किसी की स्थिति अलग होती है खासकर अगर आपके पास कई कमाई के स्रोत हैं या आप पहली बार ITR फ़ाइल करने वाले हो।